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Online pesa kamane ke most aplications

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 हेलो दोस्तों आज मैं आपको बताने जा रहा हूं कि ऑनलाइन हम पैसे कैसे कमा सकते हैं। आज ऑनलाइन की दुनिया में प्रत्येक व्यक्ति जो है हमेशा अपने मोबाइल का उपयोग करता रहता है तो आप भी अपने इसी मोबाइल के बादुलत पैसे कमा सकते हैं ऑनलाइन रहते हुए इसके लिए आपको कुछ काम करना पड़ेगा सबसे पहले आप आप अपना एक फेसबुक अकाउंट बना ले उसे फेसबुक अकाउंट में एक पेज सेटअप कर ले । इस फेसबुक पेज पर आप अपने फॉलोअर्स बढ़ाने के बाद विभिन्न प्रकार की फॉरवर्ड जैसे आपकी बढ़ जाती है तो विभिन्न प्रकार की जो कंपनी है वह इसमें आपको ऐड देना प्रारंभ करती है तो जब आप उनके एड का प्रमोशन करते हैं तो उसके माध्यम से आप बहुत सारे पैसे कमा सकते हो महीने के लाख 2 लाख 5 लाख 10 लख रुपए तक लोग फेसबुक से कमाते जा रहे हैं ।  दूसरा है आप इंस्टाग्राम पर से भी पैसे कमा सकते हैं तो आज के समय में सबसे ज्यादा जो उसे किया जा रहा है वह इंस्टाग्राम है इंस्टाग्राम के माध्यम से लोग विभिन्न प्रकार के पैसे कमाने जा रहे हैं रेस देखते रहते आप दिन में ऐसे लगभग प्रत्येक व्यक्ति जो है तीन से चार घंटे मिनिमम देखा जाएगा इंस्टाग्राम पर रहता ही है त...

ना जाने ऐसा क्या वर्षा में ,

  ना जाने ऐसा क्या वर्षा में ,  आने से उसके मेरे मन में , प्रसंता की की बाहर आ गई ।  चारो ओर हरियाली सी भांति, खुशियां छा गई हो मानो।  जिनके गालों की चमक से , मेरा मन दमक जाए ।  होठों की लाली जैसे बिजली सी चमक रही हो ।  आखों में जैसे उसने ,प्यार का सारा समंदर समट रखा हो।  जिनकी मधुर वाणी ने मुझको भी बना दिया है प्राणी।  कदमों की चाल से धरा भी , खिल जाए ।  खुसबू संग लिए पवन भी मिलने को आतुर ।  देख खुबसूरती को चांद भी ईर्ष्या करने लगे ।  तेज धूप में खड़ी वो सूरज मुखी सी लगे ।  मानो सूरज के इंतजार में जिया तड़फ उठा हो ।  आपकी सादगी भरी अदाओं के लाखों है कायल ।  मगर हम भी आपकी खूब सुरती के दीवाने है।  निराशाओ को आशाओं में बदलने वाली हो आप ।

सफर ए जिन्दगी की अजीब दस्ता ।

 सफर ए जिन्दगी की अजीब दस्ता । खिलते बचपन से शुरु हुआ रास्ता । दिन भर की मस्ती , घर में मम्मी की डांट। वो दादी नानी की ,कहानियां । भैया की डांट , वो दीदी का प्यार। स्कूल के वो सुकून भरे दिन । जान्हा मस्ती संग दोस्तो खेल । टीचर की  वो डांट , जिसके मजे में दोस्तों का सुकून । एग्जाम में छुपके से दोस्तों को नकल करवाना । पकड़े जाने  पर वो टीचर की मार आज भी याद आती है। स्कूल के सफर से कॉलेज का दौर । जन्हा  दोस्त भी नजर आते थे चोर। कॉलेज के दिन जीवन का  स्तंभ बने। सफर अब नौकरी की तलाश में चलता गया । ना जाने कब ये नसीब होगी । जैसे नौकरी मिली ,। फिर जिंदगी नई जिंदगी की तलाश में। पारिवारिक जीवन में जिमेदारियो के फर्ज में । कही बार व्यक्ति कर्ज के मर्ज में दबा । बच्चों की परवरिश में, अपनी खुशियों को ढूंढते ।  जिंदगी के सफर को काटते - काटते । अंत में आपनी मो माया और काया को छोड़कर। आत्मा को परमात्मा में  , विलीन कर देता है।                                         ...

भारत का सबसे लंबा केबल ब्रिज सुदर्शन सेतु गुजरात India's longest cable bridge Sudarshan Setu Gujarat

 भारत का सबसे लंबा केबल ब्रिज सुदर्शन सेतु गुजरात India's longest cable bridge Sudarshan Setu Gujarat देश के सबसे लंबे केबल ब्रिज का उद्घाटन,जानिए गुजरात के सुदर्शन सेतु की खासियत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात दौरे पर हैं. उन्होंने आज (25 फरवरी 2024) कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. इसी में से एक अहम प्रोजेक्ट सुदर्शन सेतु है. 2.5 किलोमीटर लंबा यह पुल केबल पर टिका भारत का सबसे लंबा पुल है. यह ओखा मेनलैंड और बेट द्वारका द्वीप को जोड़ेगा. करीब 980 करोड़ रुपये की लागत से बना सुदर्शन सेतु पुल ओखा-बेट द्वारका सिग्नेचर ब्रिज के रूप में भी जाना जाता है गुजरात (Gujarat) का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल (Tourist Place) द्वारका भगवान श्री कृष्ण (Lord Krishna) की वजह से भक्तों (Devotees) में विशेष मान्यता रखता है. द्वारका (Dwarka) के ओखा (Okha) से बेट द्वारका (Bet Dwarka) जाने वाले पर्यटकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) बड़ी सौगात देने वाले हैं. आगामी 25 फरवरी को पीएम मोदी (PM Modi) ओखा से बेट द्वारका के बीच नवनिर्मित सिग्नेचर ब्रिज (Signature Bridge) का लोकार्पण करने जा रहे है...

क्या वास्तव में किसान आंदोलन उचित है

 भारत देश एक कृषि प्रधान देश रहा है। यहां की आधी से भी ज्यादा आबादी कृषि पर निर्भर है । किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की मूल रूप से रीड की हड्डी की जाने वाली कृषि ही है । जिसके बदोलत वह देश अपना विकास कर पता है । क्या वास्तव में आज जो किसान की पीड़ा है उसको समझने में सरकार किस प्रकार से उनका सहयोग कर रही है यह एक विचारणीय बंधु है । हमें सोचना चाहिए किस प्रकार किसान और सरकार के बीच तालमेल हमेशा बना रहना चाहिए अन्नदाता को दुखी करना किसी के लिए भी सुविधाजनक नहीं होगा। लेकिन अभी जो किसान आंदोलन की आड़ में जो लोग सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जा रहे हैं। जिसके कारण आए दिन लाखों करोड़ों रुपए की सरकार की संपत्ति को नुकसान पहुंचा जा रहा है। क्या ऐसे लोग वास्तव में किस है? क्या कभी किसान इस प्रकार की सोच रख सकता है। कि वह अपने देश को नुकसान पहुंचा करके खुद का फायदा या भलाई चाह रहा हो ऐसा नहीं हो सकता है। हमें लगता है इस प्रकार की जो आंदोलनकारी काम कर रहे हैं वास्तविक रूप से किसान नहीं है अगर वह किसान होते तो इस प्रकार की जानमाल की हानि नहीं करते , दूसरे किसी का रास्ता नहीं रुकते आने वाले ...